Month: October 2022

Ratan Tata Ko Asli Khushi Kab Mili – रतन टाटा को असली खुशी कब मिली

मैंने धीरे से अपने पैर को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने मुझे नहीं छोड़ा और उसने मेरे चेहरे को देखा और मेरे पैरों को और कसकर पकड़ लिया। मैं झुक गया और बच्चे से पूछा: क्या तुम्हें कुछ और चाहिए? तब उस बच्चे ने मुझे जो जवाब दिया

Vyapar Me Sthaniy Bhasha Ka Yogdan – व्यापार में स्थानीय भाषा का योगदान 

संवाद के लिए स्थानीय भाषा का प्रयोग कुशल संवाद में अहम भूमिका निभाती है। हम सेवाओं की गुणवत्ता को उनके अंदाज में उन्हीं से साझा करते हैं।

Ummid Jinda Hai – उम्मीद ज़िंदा है

उम्मीद ज़िंदा है उम्मीद रूपी बीज और ज़ड़ को संघर्ष के पसीने से सिंचा जाये तो एक दिन ऐसा अवश्य आता है जब बीज बहुत ही विशाल वृक्ष का रूप धारण करता है। आप बहुत ही उदाहरण देखे, पढ़े या सुने होंगे। यहाँ पर उल्लेखित उदाहरण प्रकृति से ली गयी सच्ची घटना है।             वर्ष …

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Ishq Likhun Ya Inqulaab – इश्क़ लिखूँ या इन्‍कलाब

इश्क़ लिखूँ या इन्कलाब झाँसी लिखूँ, मंगल लिखूँ और सुभाष लिखूँ,या शाहजहां और मुमताज लिखूँ,लिखूँ राँझा और हीर या फिरभगत, उद्यम, आज़ाद लिखूँ।लिखूँ गोरी के कंगन-काजल,या फिर जालिया वाला बाग लिखूँ।मेरी कलम मुझसे पूछ रही:इश्क लिखूँ या इन्क़लाब लिखूँ। मैं उलझ जाऊँ जिस्मों में,वादों और कसमों मेंक्या वो भोग विलास लिखूँ।या जो क्षण में रण …

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